माता चामुंडा नंदिकेश्वर धाम: कांगड़ा में बाणगंगा तट पर स्थित पावन पीठ, जहां चंड-मुंड का हुआ था संहार
धौलाधार पर्वत की गोद में स्थित माता चामुंडा का यह सिद्ध मंदिर भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करता है।
धौलाधार पर्वत की गोद में स्थित माता चामुंडा का यह सिद्ध मंदिर भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करता है।
सिरमौर के बागथन में जन्मे डॉ. परमार के दूरदर्शी नेतृत्व के कारण ही 25 जनवरी 1971 को हिमाचल को मिला पूर्ण राज्यत्व का दर्जा।
आयरिश मूल की इस महान विदुषी ने ग्रामीण भारत में पर्यावरण और थिएटर के समन्वय की अनूठी मिसाल कायम की।
गोलियां लगने के बावजूद निहत्थे ही दुश्मन पर टूट पड़े और आमने-सामने की जंग में बंकर पर कब्जा किया।
पारंपरिक वेशभूषा में हजारों कलाकारों द्वारा एक साथ कदमताल करने की अद्भुत परंपरा।
हमीरपुर के समीरपुर से निकले जननेता जिन्होंने पर्यटन विकास और निजी विश्वविद्यालयों के विस्तार की मजबूत नींव रखी।