नैना देवी शक्तिपीठ बिलासपुर: जहां गिरे थे माता सती के पावन नयन, पहाड़ी की चोटी से दिखता है गोबिंद सागर
रोपवे और पावन गुफा के दर्शन के लिए साल भर पंजाब, हिमाचल और देश भर से लाखों भक्त पहुंचते हैं।
रोपवे और पावन गुफा के दर्शन के लिए साल भर पंजाब, हिमाचल और देश भर से लाखों भक्त पहुंचते हैं।
सर्दियों के अंत और वसंत के आगमन पर ग्रामीण पारंपरिक वेशभूषा में देवताओं की आराधना करते हैं।
1553 में राजा बहादुर सिंह द्वारा देवदार के घने जंगलों (धुंगरी वन) के बीच बनवाया गया था यह मंदिर।
पालमपुर के वीर सपूत ने अदम्य साहस दिखाते हुए दुश्मनों के बंकर उड़ाए और तिरंगा फहराकर सर्वोच्च बलिदान दिया।
महाभारत कालीन यक्ष स्वरूप कमरूनाग जी की झील के अथाह जल में सदियों से जमा है अरबों का खजाना।
पालमपुर के सरल, विचारक और साहित्यकार राजनेता जिन्होंने मूल्य आधारित और भ्रष्टाचार मुक्त राजनीति का आदर्श स्थापित किया।