कमरूनाग देवता: मंडी के वर्षा के देवता, जिनकी पावन झील में भक्त अर्पित करते हैं सोना-चांदी और नकदी
महाभारत कालीन यक्ष स्वरूप कमरूनाग जी की झील के अथाह जल में सदियों से जमा है अरबों का खजाना।
महाभारत कालीन यक्ष स्वरूप कमरूनाग जी की झील के अथाह जल में सदियों से जमा है अरबों का खजाना।
सतलुज और गिरि घाटी में बेड़ा जाति के साधक द्वारा रस्से पर फिसलने की रोंगटे खड़े कर देने वाली परंपरा।
व्यास नदी के तट पर स्थित बाबा भूतनाथ का स्वयंभू शिवलिंग और चांदी की पालकी में विराजित माधोराय जी।
आधुनिकता के दौर में भी हिमाचल के गांवों में देव आज्ञा के बिना कोई भी शुभ कार्य प्रारंभ नहीं किया जाता।
धौलाधार पर्वत की गोद में स्थित माता चामुंडा का यह सिद्ध मंदिर भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करता है।