पद्मश्री नेक राम शर्मा: 9 अनाज की पारंपरिक देसी खेती को पुनर्जीवित करने वाले मंडी के किसान कर्मवीर
बिना रसायनों के मोटे अनाजों (मिलेट्स) के बीजों का बैंक बनाकर हजारों किसानों को मुफ्त बांट रहे हैं।
बिना रसायनों के मोटे अनाजों (मिलेट्स) के बीजों का बैंक बनाकर हजारों किसानों को मुफ्त बांट रहे हैं।
कांगड़ा के गुलेर से जुड़े इस महान मनीषी की केवल 3 कहानियों ने उन्हें विश्व साहित्य के फलक पर अमर बना दिया।
शुष्क मेवे, किन्नौरी पट्टू, चामूरथी घोड़े और पश्मीना ऊन की खरीद-फरोख्त का प्रमुख केंद्र।
पहाड़ी रियासतों के लोकतांत्रिक विलय और बेगार प्रथा के उन्मूलन में निभाई थी सबसे प्रमुख भूमिका।
अनपढ़ दलित महिला होते हुए भी चूना पत्थर खदानों से पहाड़ियों को बचाने के लिए 19 दिन का आमरण अनशन किया था।
कांगड़ा के शांत गांव अंद्रेटा में स्थित इस गैलरी में सुरक्षित हैं भारतीय कला जगत की अनमोल धरोहरें।