शिमला
विधानसभा में आउटसोर्स पर पूछे प्रश्न के जवाब से आउटसोर्स कर्मचारी महासंघ मुखर हो गया है । आउटसोर्स कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष कमल चौहान ने कहा की विधानसभा में गलत सूचना प्रेषित की गई सरकार को ये स्पष्ट करना चाहिए कि जो बजट सत्र में आउटसोर्स कर्मचारियों की 25 रुपए दिहाड़ी बढ़ाई गई उसको बढ़ाने का क्या नियम है और वो कब तक बढ़ाए जाएंगे।

दैनिक भोगी आउटसोर्स कर्मचारी महासंघ के महासचिव धर्मेंद्र शर्मा ने कहा कि सरकार 2024 कर्मचारी के संदर्भ में जारी अधिसूचना जो कि 04 मार्च 2024 को जारी की गई थी प्रतिलिपि सलग्न का अवलोकन करे। महासंघ ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय राजा वीरभद्र सिंह के समय से आउटसोर्स कर्मचारियों को आश्वाशन दिए जा रहे है कि आपके लिए एक स्थाई नीति का निर्माण किया जा रहा है इस ही कड़ी में पूर्व मुख्यमंत्री जय राम जी ने भी 5 वर्ष सिर्फ आश्वाशन दिए और कमेटियों का गठन किया। चुनावी बेला में उपमुख्यमंत्री साहब ने विभिन्न राजनीतिक मंचों से कहा कि हम आउटसोर्स का शोषण नहीं होने देंगे हमारी सरकार आते ही इन्हें नियमित किया जाएगा इनके भी परिवार है और इस ही चुनावी बेला में माननीय मुख्यमंत्री साहब ने भी कहा कि हम के लिए स्थाई नीति का निर्माण करेंगे । अभी कुछ मीडिया चैनल को दिए गए साक्षात्कार में भी मुख्यमंत्री साहब ने कहा कि में आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए नीति निर्माण के बारे में सोच रहा हूं पर विधान सभा में आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए पॉलिसी बनाने से साफ मना कर दिया जाता है। आउटसोर्स का हर कर्मचारी शोषण को काफी लंबे अरसे से झेल रहा है अब ये शोषण सहन करना मुश्किल है। महासंघ ने कहा कि सरकार आउटसोर्स पर अपना रुख साफ करे हिमाचल के युवाओं के साथ हो रहे शोषण को किसी भी सूरत पर सहन नहीं किया जाएगा।