शिमला
IGMC में आज डॉक्टरों ने सामूहिक आकस्मिक अवकाश लेकर कामकाज ठप कर दिया है, वहीं दूसरी ओर प्रदेशभर में 108 और 102 एंबुलेंस सेवाओं से जुड़े कर्मचारी भी हड़ताल पर चले गए हैं। ऐसे में इलाज के लिए अस्पतालों पर निर्भर हजारों मरीजों की परेशानियां बढ़ना तय माना जा रहा है।
IGMC में डॉक्टरों की छुट्टी
IGMC शिमला में सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर राघव नरूला की सेवा समाप्ति के विरोध में आज डॉक्टर सामूहिक आकस्मिक अवकाश (Mass Casual Leave) पर हैं। इस अवकाश में रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (RDA), कंसल्टेंट्स, सीनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (CSA) और SAMDCOT से जुड़े डॉक्टर शामिल हैं।
डॉक्टर संगठनों ने स्पष्ट कर दिया है कि यह विरोध सिर्फ एक दिन का नहीं है। अगर 27 दिसंबर को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के साथ प्रस्तावित बैठक में कोई ठोस समाधान नहीं निकलता, तो IGMC में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी जाएगी। ऐसा हुआ तो इसका सीधा असर न केवल शिमला बल्कि पूरे प्रदेश से आने वाले मरीजों पर पड़ेगा।
मरीजों की मुश्किलें बढ़ीं
डॉक्टरों की सामूहिक छुट्टी के चलते IGMC में ओपीडी सेवाएं, नियमित जांचें और वैकल्पिक सर्जरी लगभग ठप रहने की संभावना है। अस्पताल प्रशासन ने आपातकालीन सेवाएं सीमित स्तर पर जारी रखने की बात कही है, लेकिन मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण व्यवस्थाएं चरमराने की आशंका बनी हुई है।