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शिमला रोपवे प्रोजेक्ट में करोड़ों का घोटाला छिपाने में जुटी कांग्रेस सरकार — भाजपा प्रदेश प्रवक्ता संदीपनी भारद्वाज

शिमला

सिंगल टेंडर और मंत्रियों की मिलीभगत की हो जांच — भाजपा का मुख्यमंत्री से सवाल

 

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता संदीपनी भारद्वाज ने आरोप लगाया कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार के शासनकाल में भ्रष्टाचार का बोलबाला है और आम जनता की गाढ़ी कमाई को हैरतअंगेज़ तरीके से लूटा जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं को इन आरोपों का जवाब देना चाहिए, लेकिन इसके बजाय वे नए-नए घोटालों की स्कीमें तैयार करने में व्यस्त हैं।

 

उन्होंने कहा कि इसका सबसे बड़ा उदाहरण शिमला रोपवे प्रोजेक्ट है। लगभग 2000 करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट को सरकार एक सिंगल टेंडर के माध्यम से एक पसंदीदा कंपनी के हवाले करने की कोशिश कर रही है। संदीपनी भारद्वाज ने कहा कि इस टेंडर को आगे बढ़ाने के लिए सरकार के एक मंत्री हेलीकॉप्टर से दूसरे मंत्री को मनाने जाते हैं—यह हिमाचल के राजनीतिक इतिहास में ‘लालच की पराकाष्ठा’ का संकेत है।

 

संदीपनी भारद्वाज ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के कुछ “मित्र” मानो हर हाल में इस प्रोजेक्ट को आज ही लूट लेना चाहते हों, क्योंकि उन्हें खुद भरोसा नहीं कि यह सरकार कल भी टिक पाएगी।

 

उन्होंने सवाल उठाए कि सचिवालय में बैठा वह अधिकारी कौन है जो इस पूरे खेल को संचालित कर रहा है और जिसे जल्द से जल्द ‘ब्यूरोक्रेसी का मुखिया’ बनने की जल्दी है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री स्वयं इस टेंडर को फाइनल करने के लिए कांग्रेस के राज्य प्रभारी से बातचीत कर चुके हैं।

 

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि सिंगल टेंडर आने के बावजूद बोली सैकड़ों करोड़ रुपये अधिक पड़ी है, और अब मात्र ‘नेगोशिएशन’ की आड़ में फाइल को ठीक करके जनता की आंख में धूल झोंकने की तैयारी चल रही है। उन्होंने चुनौती दी—“आप टेंडर अवार्ड करके तो देखिए, पूरा खेल सामने आ जाएगा।”

 

संदीपनी भारद्वाज ने मुख्यमंत्री से मांग की कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए, यह पता लगाया जाए कि टेंडर प्रक्रिया में कितनी छेड़छाड़ हुई है और कौन-कौन से मंत्री इस मिलीभगत में शामिल हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि भाजपा के पास भी कई पुख्ता जानकारियाँ हैं और समय आने पर वे इन्हें सार्वजनिक करने से भी पीछे नहीं हटेंगे।

 

अंत में उन्होंने कहा—“सीएम साहब, यह अफसर किसी के नहीं होते। इस मुद्दे पर समझदारी से कदम बढ़ाइए, नहीं तो कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व ही आपको डुबो देगा।”

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