केंद्रीय बजट में हिमाचल की अनदेखी, आपदा पीड़ित प्रदेश को नहीं मिली राहत : कुलदीप राठौर
शिमला।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता एवं ठियोग के विधायक कुलदीप सिंह राठौर ने केंद्रीय बजट 2026-27 पर गहरी निराशा व्यक्त करते हुए कहा है कि इस बार भी हिमाचल प्रदेश के साथ घोर अन्याय किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्राकृतिक आपदाओं से जूझ रहे प्रदेश के पुनर्निर्माण के लिए केंद्रीय बजट में किसी भी प्रकार की ठोस आर्थिक सहायता या विशेष पैकेज की घोषणा नहीं की गई, जिससे प्रदेशवासियों की उम्मीदों पर पानी फिर गया है।
राठौर ने कहा कि बीते वर्षों में हिमाचल प्रदेश भारी बारिश, भूस्खलन और बाढ़ जैसी आपदाओं से बुरी तरह प्रभावित हुआ है। हजारों करोड़ रुपये का नुकसान होने के बावजूद केंद्र सरकार ने बजट में प्रदेश के लिए किसी विशेष राहत पैकेज या पुनर्निर्माण योजना का प्रावधान नहीं किया। उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में सड़कें, पुल, घर, पेयजल योजनाएं और बिजली परियोजनाएं बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई हैं, जिनके पुनर्निर्माण के लिए पर्याप्त संसाधनों की आवश्यकता है, लेकिन बजट में इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं दिखाई दी।
कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था का बड़ा आधार कृषि और बागवानी है, लेकिन केंद्रीय बजट में इन क्षेत्रों के विकास के लिए कोई नई प्रोत्साहन योजना नहीं लाई गई। सेब, नाशपाती, चेरी सहित अन्य नकदी फसलों पर निर्भर हजारों बागवान आज उत्पादन लागत बढ़ने और बाजार में उचित मूल्य न मिलने से परेशान हैं। उन्होंने कहा कि किसानों और बागवानों को राहत देने के लिए विशेष पैकेज, सब्सिडी या विपणन व्यवस्था को मजबूत करने की घोषणा की जानी चाहिए थी, जो इस बजट में नदारद है।
कुलदीप राठौर ने बजट को “आंकड़ों का मायाजाल” करार देते हुए कहा कि विकसित भारत के नाम पर पेश किया गया यह बजट आम जनता की मूलभूत समस्याओं से ध्यान भटकाने वाला है। उन्होंने आरोप लगाया कि बजट में बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी जैसे गंभीर मुद्दों पर कोई स्पष्ट और ठोस समाधान नहीं दिया गया है। राठौर ने कहा कि आज युवा रोजगार की तलाश में भटक रहा है और आम आदमी महंगाई से जूझ रहा है, लेकिन बजट में इनके लिए कोई प्रभावी रोडमैप नजर नहीं आता।
राठौर ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बजट में बड़े-बड़े दावे किए गए हैं, लेकिन जमीनी हकीकत से इनका कोई तालमेल नहीं है। प्रदेश के हितों की अनदेखी कर केंद्र सरकार ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि उसे हिमाचल जैसे पहाड़ी और आपदा प्रभावित राज्यों की समस्याओं की कोई चिंता नहीं है। राठौर ने मांग की कि केंद्र सरकार प्रदेश के लिए विशेष आपदा राहत पैकेज घोषित करे और कृषि-बागवानी को प्रोत्साहन देने के लिए अलग से योजना लाए, ताकि हिमाचल की आर्थिकी को मजबूती मिल सके। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी प्रदेश के हितों की अनदेखी के खिलाफ जनभावनाओं को लेकर आगे भी संघर्ष करती रहेगी और केंद्र सरकार पर दबाव बनाएगी कि वह हिमाचल प्रदेश के साथ न्याय करे।