
शिमला
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला से सटे जुन्गा क्षेत्र में स्थित 200 साल पुराने ऐतिहासिक राजमहल में बुधवार दोपहर अचानक आग लग गई। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। यह घटना बुधवार दोपहर करीब एक बजे की है। इस दौरान दरअसल एक स्थानीय व्यक्ति ने जुन्गा स्थित पुराने राजमहल से धुआं उठता देखा और तुरंत पुलिस चौकी जुन्गा को सूचना दी। पुलिस कर्मी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। इसके बाद तुरंत अग्निशमन विभाग छोटा शिमला को सूचित किया गया। अग्निशमन विभाग की टीम फायर ब्रिगेड वाहन के साथ घटनास्थल पर पहुंची और आग बुझाने का कार्य शुरू किया। शिमला के जुन्गा में स्थित यह भव्य महल क्यौंथल रियासत के सेन राजवंश की विरासत है। यह पुराना राजमहल पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का ससुराल था।
साथ ही यह प्रदेश कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष प्रतिभा सिंह का मायका भी है। इस ऐतिहासिक भवन से कई पुरानी यादें और विरासत जुड़ी हुई हैं। जानकारी के अनुसार आग महल की ऊपरी मंजिल में लगी थी। महल लंबे समय से जर्जर हालत में था और इसमें कोई भी व्यक्ति निवास नहीं करता था। आग की चपेट में आने से महल की लकड़ी से बनी संरचनाएं काफी हद तक जलकर खाक हो गई हैं। पुलिस, अग्निशमन विभाग और स्थानीय लोग मिलकर आग पर काबू पाने में जुटे रहे और धीरे-धीरे स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया। जुन्गा का पुराना राजमहल प्रदेश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों में से एक माना जाता है। करीब 200 वर्ष पुराने इस महल का संबंध क्योंथल रियासत से रहा है, जिसकी राजधानी कभी जुन्गा हुआ करती थी। जुन्गा नाम भी स्थानीय देवता जुणगा के नाम पर पड़ा बताया जाता है। पहाड़ी वास्तुकला, लकड़ी की नक्काशी और पारंपरिक निर्माण शैली इसकी पहचान रही है। समय के साथ उचित संरक्षण के अभाव में यह महल जर्जर होता चला गया और उपयोग से बाहर हो गया।
क्योंथल के राजा करते थे निवास
आजादी से पहले इस शाही महल में क्योंथल रियासत के राजा निवास करते थे। इस महल को ऐतिहासिक वास्तुकला, लकड़ी की नक्काशी के लिए जाना जाता है। यह 200 साल पुराना महल अब जर्जर हाल में था। आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। यह राजमहल पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का ससुराल था।