HomeHimachalरोहड़ू में किसान मजदूर संगठनों का विरोध प्रदर्शन, राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन

रोहड़ू में किसान मजदूर संगठनों का विरोध प्रदर्शन, राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन

शिमला

किसानों के विभिन्न संगठनों के द्वारा तय राष्ट्र स्तरीय विरोध प्रदर्शन के अन्तर्गत आज हिमाचल प्रदेश में भी हिमाचल किसान सभा व सेब उत्पादक संघ द्वारा अन्य कार्मिक संगठनों के साथ विरोध प्रदर्शन किया गया।

 

देश प्रदेश में किसान व मज़दूर विरोधी नीतियों के विरोध प्रदर्शन में आज हिमाचल सेब उत्पादक संघ प्रदेश के सेब बहुल क्षेत्रों में ब्लाक स्तर पर अपनी मांगों के समर्थन में अन्य संगठनों के साथ एकजुटता प्रदर्शित करने के लिए इस प्रदर्शन में शामिल हुआ।

ब्लाक स्तरीय विरोध प्रदर्शन की कड़ी के तहत रोहड़ू में भी आज प्रदर्शन हुआ। स्थानीय किसान व मजदूर नेताओं के अलावा संजय चौहान ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया व वर्तमान की यथास्थिति से उपमंडलाधिकारी को अवगत कराया। माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा भूमि संबंधित विषय पर यथास्थिति के आदेश के बाबजूद राजस्व व वन विभाग द्वारा बेदखली की प्रक्रिया पर भी रोष प्रकट किया गया। किसान, बागवान, मज़दूर व अन्य कार्मिकों का जत्था अपनी मांगों से संबंधित नारे लगाते हुए रामलीला मैदान रोहड़ू से उपमंडलाधिकारी रोहड़ू के कार्यालय पहुंचा तथा अपने मांगपत्र को उपमंडलाधिकारी रोहड़ू के माध्यम से राष्ट्रपति महोदया को प्रेषित किया।

 

एतिहासिक किसान आंदोलन की पांचवीं वर्षगांठ पर आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में निम्नलिखित मांगों से संबंधित मांगपत्र महामहिम राष्ट्रपति महोदया को प्रेषित किए गया।

मुख्य मांगें:

1. सभी फसलों के लिए सी2+50% की दर से एमएसपी और कानूनी गारंटी के साथ खरीद सुनिश्चित की जाए।

2. चारों श्रम संहिताएँ रद्द की जाएँ; किसी भी रुप में ठेका प्रथा/आउटसोर्सिंग न हो; श्रम शक्ति नीति 2025 वापस लिया जाए।

3. सभी श्रमिकों (संगठित, असंगठित, ठेका और योजना कर्मी, खेत मजदूर) के लिए 26000 रुपये

मासिक राष्ट्रीय न्यूनतम वेतन, 10,000 रूपए मासिक पेंशन और सामाजिक सुरक्षा लाभ लागू किया जाए।

4. किसानों व कृषि श्रमिकों का सम्पूर्ण कर्ज माफ हो; कम ब्याज पर ऋण सुविधाएँ उपलब्ध की जाए।

5. सार्वजनिक उपक्रमों और सार्वजनिक सेवाओं (रक्षा, रेलवे, स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली आदि) का

निजीकरण बंद हो; राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन (NMP) रद्ध हो; स्मार्ट प्रीपेड मीटर पर रोक

लगाई जाए; कृषि पंपों को मुफ्त बिजली उपलब्ध की जाए; घरेलू उपभोक्ताओं / दुकानों को

300 यूनिट मुफ्त बिजली दी जाए; बिजली संशोधन बिल 2025 वापस हो।

6. सभी को पेंशन दिया जाए – पुरानी पेंशन योजना (OPS) पुनः बहाल हो; EPF-95 पेंशनधारियों

को 9000 + महंगाई-समायोजन दिया जाए; जिनके पास कोई योजना नहीं, उन्हें र6000

मासिंक पेंशन दिया जाए।

7. डिजिटल कृषि मिशन, राष्ट्रीय सहकारिता नीति और ।CAR-MNC समझौते रद्द किए जाएँ।

৪. जबरन भूमि अधिग्रहण बंद हो; भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनस्थापन में उचित मुआवज्ञा और

पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 और वन अधिकार अधिनियम(FRA) सख्ती से लागू हो।

वन संरक्षण अधिनयम,1980(FCA) में संशोधन कर आपदा प्रभावित गरीब व किसानों को भूमि दो।

9. सभी को रोजगार और नौकरी की सुरक्षा दी जाए; मनरेगा में 200 दिन का काम और ₹700

दैनिक वेतन दिया जाए; मनरेगा को शहरी क्षेत्रों तक विस्तार किया जाए; बहिष्कृत परिवारों को पुनः शामिल किया जाए; लंबित मजदूरी का भुगतान किया जाए।

10. फसलों और पशुओं के लिए सार्वजनिक क्षेत्र का व्यापक बीमा योजना लागू किया जाए; बटाईदार किसानों को बीमा और सभी योजनाओं का लाभ मिले।

11. महंगाई पर रोक लगाई जाए; जन वितरण प्रणाली को मजबूत करें; सभी को गुणवत्ता-पूर्ण

स्वास्थ्य व शिक्षा; 60 वर्ष की आयु पर सभी को 10,000 रूपए मासिक पेंशन; अति धनी पर कर

लगाई जाए।

12. भारत सरकार को ट्रम्प की टैरिफ धमकियों को खारिज करना चाहिए और सभी देशों से स्वतंत्र

व्यापार का अधिकार बनाए रखना चवाहिए।

13. भारत-यूके CETA तत्काल रद्द किया जाए

से गुजरें। क्योंकि संसद में कोई अनुमोदन नहीं हुआ

14. कोई भी गुप्त व्यापार समझौता नहीं -सभी नए समझौते संसद में पेश हों व सार्वजनिक परामर्श

15. समाज में साम्प्रदायिक विभाजन रोकने के लिए सख्त कानून और उनका प्रभावी क्रियान्वयन; संविधान में प्रदत्त धर्मनिरपेक्षता की रक्षा।

16, महिलाओं और बच्चों के खिलाफ हिंसा समाप्त करने हेतु सशक्तिकरण और फास्ट -ट्रैक न्यायप्रणाली; दलितों,आदिवासियों और अल्पसंख्यकों पर सामाजिक उत्पीड़नव साम्प्रदायिक हिंसा

पर सख्ती से रोक।

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